टोपी शुक्ला NCERT Solutions for Class 10 Hindi Chapter 3 with Answers free PDF Download

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NCERT Solutions for Class 10 Hindi Kshitij-2 with Answers

CBSE Solutions Class 10 Hindi टोपी शुक्ला

Page No. 41

बोध प्रश्न

Q1. इफ़्फ़न टोपी शुक्ला की कहानी का महत्त्वपूर्ण हिस्सा किस तरह से है?

Answer: इफ़्फ़न और टोपी शुक्ला दोनों गहरे दोस्त थे। एक दूसरे के बिना अधूरे थे परन्तु दोनों की आत्मा में प्यार की प्यास थी। इफ़्फ़न तो अपने मन की बात दादी को या टोपी को कह कर हल्का कर लेता था परन्तु टोपी के लिए इफ़्फ़न और उसकी दादी के अलावा कोई नहीं था। अत इफ़्फ़न वास्तव में टोपी की कहानी का अटूट हिस्सा है।

Q2. इफ़्फ़न की दादी अपने पीहर क्यों जाना चाहती थीं?

Answer: इफ्फन की दादी ज़मींदार की बेटी थी। पीहर का घी-दूध, फलों के पेड़, कच्ची हवेली आदि उन्हें हमेशा याद आते रहते थे। यहाँ का मौलवी परिवार का वातावरण उन्हें कभी रास नहीं आया। अतः वे अपने पीहर जाना चाहती थीं।

Q3. इफ़्फ़न की दादी अपने बेटे की शादी में गाने-बजाने की इच्छा पूरी क्यों नहीं कर पाई?

Answer: दादी का विवाह मौलवी परिवार में हुआ था जहाँ गाना बजाना पसंद नहीं किया जाता था। इसलिए बेचारी दिल मसोस कर रह गईं।

Q4. “अम्मी” शब्द पर टोपी के घरवालों की क्या प्रतिक्रिया हुई?

Answer: टोपी शुक्ला के घरवाले आधुनिक होने के साथ-साथ कट्टर हिंदू भी थे। ‘अम्मी’ शब्द मुसलमानों के घर में इस्तेमाल होता है किंतु जब टोपी शुक्ला के मुख से “अम्मी” शब्द सुना गया तब घरवालों के होश उड़ गए। उनकी परंपराओं की दीवार डोलने लगी। उनका धर्म संकट में पड़ गया। सभी की आँखें टोपी के चेहरे पर जम गईं कि उनकी संस्कृति के विपरीत यह शब्द घर में कैसे आ गया। जब टोपी ने बताया कि यह उसने अपने दोस्त इफ़्फ़न के घर से सीखा है तो उसकी माँ व दादी ने उसकी खूब जमकर पिटाई की।

Q5. दस अक्तूबर सन् पैंतालीस का दिन टोपी के जीवन में क्या महत्त्व रखता है?

Answer: दस अक्टूबर सन् पैंतालीस वैसे तो सामान्य दिन था परंतु टोपी की जिंदगी में यह दिन विशेष महत्व रखता है। इस दिन उसके सबसे प्यारे दोस्त इफ्फ़न के पिता का तबादला हो गया था और वे सपरिवार मुरादाबाद चले गए थे। अब टोपी बिल्कुल अकेला हो गया था क्योंकि इफ्फ़न के पिता की जगह आने वाले कलेक्टर के तीनों बेटों में से किसी ने भी उसके साथ दोस्ती न की थी। इसी दिन टोपी ने कसम खाई थी कि वह ऐसे लड़के से दोस्ती नहीं करेगा जिसका पिता ऐसी नौकरी करते हो जिसमें बदली होती हो।

Q6. टोपी ने इफ़्फ़न से दादी बदलने की बात क्यों कही?

Answer: टोपी ने यह बात इसलिए कही क्योंकि टोपी की मां और इफ़्फ़न की दादी का एक ही हाल था।इफ़्फ़न की दादी उसकी मां की ही तरह मधुर बोलती थी परंतु उसकी मां की ही तरह उन्हें घर में बहुत कम लोग बोलने देते थे। वे इफ़्फ़न को कहानियां सुनाती थी और उसे तरह-तरह की बातें करती थी। इन सभी को ध्यान में रखते हुए टोपी ने यह बात कही।

Q7. पूरे घर में इफ़्फ़न को अपनी दादी से विशेष स्नेह क्यों था?

Answer: पूरे घर में इफ़्फ़न को अपनी दादी से विशेष स्नेह इसलिए था क्योंकि पूरे घर में कभी-न-कभी उसे कोई डाँट देता ही था, कभी अब्बू अम्मी उसे डाँटते थे, उसकी बाजी औरनुज़हत भी उसको परेशान करती थी। परन्तु उसकी दादी उसे कभी डाँटती नहीं थी। वे उसे रात में अनार परी, बहराम डाकू, अमीर हमला, गुलब काबली, हातिमताई जैसी अनेक कहानियाँ सुनाती थी। इसी कारण वह अपनी दादी से प्यार करता था।

Q8. इफ़्फ़न की दादी के देहान्त के बाद टोपी को उसका घर खाली सा क्यों लगा?

Answer: इफ्फ़न की दादी के देहांत के बाद उसका अपना घर खाली-सा लगा, क्योंकि उस घर में दादी के अलावा अन्य किसी से उसे अपनापन नहीं मिला। दादी ने ही उसका दुख-दर्द समझा। जिस तरह टोपी को अपने घर में भी अपनापन नहीं मिला उसी तरह इफ्फ़न की दादी भी अपनी बोली-भाषा के कारण परिवार में अलग-सी होकर रह रही थी। टोपी और दादी की मुलाकात ने एक-दूसरे का दुख समझने का अवसर दिया। इससे दोनों के बीच उम्र का, धर्म का और जाति का भेद किए बिना अटूट बंधन बँध गया। यही कारण है कि टोपी ने जब इफ़्फ़न की दादी की मृत्यु की बाते सुनी तो वह उदास हो गया और एकांत में देर तक रोता रहा।

Q9. टोपी और इफ़्फ़न की दादी अलग-अलग मजहब और जाति के थे पर एक अनजान अटूट रिश्ते से बँधे थे। इस कथन के आलोक में अपने विचार लिखिए।

Answer: टोपी हिन्दू जाति का था और इफ़्फ़न मुस्लिम। परन्तु जब भी टोपी इफ़्फ़न के घर जाता दादी के पास ही बैठता। उनकी मीठी पूरबी बोली उसे बहुत अच्छी लगती थी। दादी पहले अम्मा का हाल चाल पूछतीं। दादी उसे रोज़ कुछ न कुछ खाने को देती परन्तु टोपी खाता नहीं था। फिर भी उनका हर शब्द उसे गुड़ की डाली सा लगता था। इसलिए उनका रिश्ता अटूट था।

Q10. टोपी नवीं कक्षा में दो बार फ़ेल हो गया। बताइए −

(क) ज़हीन होने के बावजूद भी कक्षा में दो बार फ़ेल होने के क्या कारण थे?

Answer: टोपी बहुत ज़हीन (बुद्धिमान) था परन्तु दो बार फ़ेल हो गया क्योंकि पहली बार जब भी वह पढ़ने बैठता मुन्नी बाबू को कोई न कोई काम निकल आता या रामदुलारी कोई ऐसी चीज़ मँगवाती जो नौकर से नहीं मँगवाई जा सकती। इस तरह वह फेल हो गया। दूसरे साल उसे मियादी बुखार हो गया था और पेपर नहीं दे पाया इसलिए फ़ेल हो गया था।

(ख) एक ही कक्षा में दो-दो बार बैठने से टोपी को किन भावनात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ा?

Answer: एक ही कक्षा में दो-दो बार बैठने से टोपी को बहुत-सी भावात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ा था।
जैसे-मास्टर जी जब कमज़ोर लड़कों को समझाते, तो उसका ही उदाहरण दिया जाता कि क्या बात है राम अवतार (या कोई भी बच्चा) बलभद्र की तरह इसी दर्जे में टिके रहना चाहते हो?’ मास्टर जी के ऐसा कहते ही सभी जोरों से हँसने लगते। हँसने वाले वे होते, जो पिछले साल उससे पीछे थे। अगले साल भी उसे उसी कक्षा में बैठना पड़ा, तो वह बिलकुल ही भोंदू हो गया, क्योंकि उसका कोई दोस्त नहीं रह गया था। आठवीं कक्षा वाले दसवीं कक्षा में थे, तो सातवीं वाले बच्चे उसके साथ थे। वह अपने भरे-पूरे घर की तरह स्कूल में भी अकेला हो गया था। मास्टरों ने भी उसपर ध्यान देना छोड़ दिया था। उससे कक्षा में कोई सवाल न पूछा जाता था। कई लड़के ऐसे-ऐसे कटाक्ष करते कि वह बिलबिला उठता। घर में भी दादी, माँ, भाई आदि के तीखे बाण सहने पड़ते।

(ग) टोपी की भावात्मक परेशानियों को मद्येनज़र रखते हुए शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक बदलाव सुझाइए?

Answer: बच्चे फ़ेल होने पर भावनात्मक रूप से आहत होते हैं और मानसिक संतुलन बिगड़ जाता है। वे शर्म महसूस करते हैं। इसके लिए विद्यार्थी के पुस्तकीय ज्ञान को ही न परखा जाए बल्कि उसके अनुभव व अन्य कार्य कुशलता को भी देखकर उसे प्रोत्साहन देने के लिए शिक्षा व्यवस्था में बदलाव किया जा सकता है।

Q11. इफ़्फ़न की दादी के मायके का घर कस्टोडियन में क्यों चला गया?

Answer: कस्टोडियन का अर्थ ऐसे विभाग से है जो ऐसी संपत्ति को संरक्षण देता है जिस संपत्ति पर किसी का कोई मालिकाना हक नहीं होता। जब इफ्फ़न की दादी की मृत्यु निकट थी तो उनकी स्मरण-शक्ति समाप्त-सी हो गई। उन्हें यह भी याद न रहा कि अब उनका घर कहाँ है। उनके सारे घरवाले कराची में रह रहे थे। इसलिए जब उनके घर का कोई ‘चारिस न रहा तो उनके मायके का घर कस्टोडियन में चला गया।

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