We have Provided the NCERT/CBSE Solutions chapter-wise for Class 10 Hindi Chapter 1 हरिहर काका with Answers by expert subject teacher for latest syllabus and examination. Students can take a free NCERT Solutions of हरिहर काका. Each question has right answer Solved by Expert Teacher.
NCERT Solutions for Class 10 Hindi Kshitij-2 with Answers
CBSE Solutions Class 10 Hindi हरिहर काका
Page No. 19
बोध प्रश्न
Q1. कथावाचक और हरिहर काका के बीच क्या संबंध है और इसके क्या कारण हैं?
Answer: कथावाचक और हरिहर के बीच मधुर, आत्मीय और गहरे संबंध है। कथावाचक जब छोटा था तब से ही हरिहर काका उसे बहुत प्यार करते थे। जब वह बड़े हो गए तो वह हरिहर काका के मित्र बन गए। गाँव में इतनी गहरी दोस्ती और किसी से नहीं हुई। हरिहर काका उनसे खुल कर बातचीत करते थे। यही कारण है कि कथावाचक को उनके एक-एक पल की खबर थी। शायद अपना मित्र बनाने के लिए काका ने स्वयं ही उसे प्यार से बड़ा किया और इतंजार किया।
Q2. हरिहर काका को मंहत और भाई एक ही श्रेणी के क्यों लगने लगे?
Answer: दोनों ही स्वार्थी थे और हरिहर काका की जमीन लेना चाहते थे इसलिए हरिहर काका को अपने भाइयों और महंत में कोई अंतर नहीं लगा। हरिहर काका के काई संतान नहीं थी। उसके पास पंद्रह बीघे की जमीन थी। उनके भाई उन्हें सिर्फ जमीन के लिए रख रहे थे। दूसरी ओर मंहत ने भी एक दिन बड़े प्यार से जमीन को ठाकुर बाड़ी के नाम करने के लिए कहा। जब काका नहीं माने तो अपहरण करके मारा पीटा और जबरदस्ती अँगूठे का निशान ले लिया। इस तरह दोनों का लगाव काका से नहीं, उसकी जमीन से था।
Q3. ठाकुर बाड़ी के प्रति गाँव वालों के मन में अपार श्रद्धा के जो भाव हैं उससे उनकी किस मनोवृत्ति का पता चलता है?
Answer: ठाकुरबारी गाँव में एक प्राचीन धार्मिक स्थल है। ठाकुरबारी के संबंध में जो कहानी प्रचलित है, वह यह है कि वर्षों पहले जब यह गाँव पूरी तरह बसा भी नहीं था; कहीं से एक संत आकर इस स्थान पर झोंपड़ी बनाकर रहने लगे थे। वह सुबह-शाम यहाँ ठाकुरजी की पूजा करते थे। गाँववालों ने चंदा जमा करके ठाकुर जी का एक छोटा-सा मंदिर बनवा दिया। आबादी बढ़ने के साथ-साथ ठाकुरबारी का विकास होता गया। गाँव के लोगों का मानना था कि उनके सभी काम ठाकुरजी की कृपा से पूरे होते हैं। पुत्र के जन्म पर, मुकदमें की जीत पर, लड़की की शादी अच्छी जगह तय होने पर, लड़के को नौकरी मिलने पर, वे अपनी खुशी से ठाकुर जी पर रुपये, जेवर, अनाज आदि चढ़ाते थे। अधिक खुशी होती तो ठाकुरजी के नाम अपने खेत का एक छोटा-सा टुकड़ा लिख देते। इससे पता चलता है कि गाँव वालों में ठाकुरजी के प्रति अपार श्रद्धा थी। वे धार्मिक प्रवृत्ति के थे। वे अपनी हर सफलता का श्रेय ठाकुर जी को देकर अपनी श्रद्धा और विनम्रता व्यक्त करते हैं।
Q4. अनपढ़ होते हुए भी हरिहर काका दुनिया की बेहतर समझ रखते हैं। कहानी के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
Answer: अनपढ़ होते हुए भी हरिहर काका दुनिया की बेहतर समझ रखते हैं। वे जानते हैं कि जब तक उनकी जमीन-जायदाद उनके पास है, तब तक सभी उनका आदर करते हैं। ठाकुरबारी के महंत उनको इसलिए समझाते हैं क्योंकि वह उनकी जमीन ठाकुरबारी के नाम करवाना चाहते हैं। उनके भाई उनका आदर-सत्कार जमीन के कारण करते हैं। हरिहर काका ऐसे कई लोगों को जानते हैं, जिन्होंने अपने जीते जी अपनी जमीन किसी और के नाम लिख दी थी। बाद में उनका जीवन नरक बन गया था। वे नहीं चाहते थे कि उनके साथ भी ऐसा हो।
Q5. हरिहर काका को जबरन उठा ले जाने वाले कौन थे। उन्होंने उनके साथ कैसा व्यवहार किया?
Answer: मंहत ने हरिहर काका को बहुत प्रलोभन दिए जिससे वह अपनी ज़मीन जायदाद ठाकुर बाड़ी के नाम कर दे परन्तु काका इस बात के लिए तैयार नहीं थे। वे सोच रहे थे कि क्या भगवान के लिए अपने भाइयों से धोखा करूँ? यह उन्हें सही भी नहीं लग रहा था। मंहत को यह बात पता लगी तो उसने छल और बल से रात के समय अकेले दालान में सोते हुए हरिहर काका को उठवा लिया। मंहत ने अपने चेले साधुसंतो के साथ मिलकर उनके हाथ पैर बांध दिए, मुहँ में कपड़ा ठूँस दिया और जबरदस्ती अँगूठे के निशान लिए, उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया। जब पुलिस आई तो स्वयं गुप्त दरवाज़े से भाग गए।
Q6. हरिहर काका के मामले में गाँव वालों की क्या राय थी और उसके क्या कारण थे?
Answer: हरिहर काका के मामले में गाँव वालों की राय के रूप में दो वर्ग बन गए थे और दोनों वर्गों की राय भी भिन्न-भिन्न थी। पहले वर्ग का कहना था कि हरिहर काका को अपनी जमीन ठाकुर जी के नाम लिख देनी चाहिए। इससे उत्तम उनके लिए कुछ न होगा, क्योंकि ऐसा करने से उनकी कीर्ति अचल बनेगी तथा ठाकुरबारी का महत्त्व गाँव की सीमा के बाहर भी फैलेगा। पहले वर्ग की राय इसलिए ऐसी थी, क्योंकि यह वर्ग धार्मिक प्रवृत्ति का था, ठाकुरबारी से जुड़ा था तथा यह वर्ग ठाकुरबारी में प्रसाद के बहाने हलुआ-पूरी का भोग लगाता था। दूसरे वर्ग की राय यह थी कि भाइयों के परिवार भी तो अपने ही होते हैं, इसलिए हरिहर काका को अपनी सारी ज़मीन उनके नाम लिख देनी चाहिए। अन्यथा वे लोग उनके साथ अन्याय करेंगे। दूसरे वर्ग की राय प्रगतिशील विचारों के कारण ऐसी थी।
Q7. कहानी के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि लेखक ने यह क्यों कहा, “अज्ञान की स्थिति में ही मनुष्य मृत्यु से डरते हैं। ज्ञान होने के बाद तो आदमी आवश्यकता पड़ने पर मृत्यु को वरण करने के लिए तैयार हो जाता है।”
Answer: जब काका को असलियत पता चली और उन्हें समझ में आ गया कि सब लोग उनकी ज़मीन जायदाद के पीछे हैं तो उन्हें वे सभी लोग याद आ गए जिन्होंने परिवार वालों के मोह माया में आकर अपनी ज़मीन उनके नाम कर दी और मृत्यु तक तिल-तिल करके मरते रहे, दाने-दाने को मोहताज़ हो गए। इसलिए उन्होंने सोचा कि इस तरह रहने से तो एक बार मरना अच्छा है। जीते जी ज़मीन किसी को भी नहीं देंगे। ये लोग मुझे एक बार में ही मार दे। अत: लेखक ने कहा कि अज्ञान की स्थिति में मनुष्य मृत्यु से डरता है परन्तु ज्ञान होने पर मृत्यु वरण को तैयार रहता है।
Q8. समाज में रिश्तों की क्या अहमियत है? इस विषय पर अपने विचार प्रकट कीजिए।
Answer: समाज में रिश्तों-नातों का एक विशेष स्थान है। सामाजिक जीवन को सुचारू रखने के किए इनकी महत्त्ता को कोई नजरंदाज नहीं कर सकता है। आज समाज में मानवीय मूल्य तथा पारिवारिक मूल्य धीरे-धीरे समाप्त होते जा रहे हैं। ज़्यादातर व्यक्ति अपने स्वार्थ के लिए रिश्ते निभाते हैं, अपनी आवश्यकताओं के हिसाब से मिलते हैं। अमीर रिश्तेदारों का सम्मान करते हैं, उनसे मिलने को आतुर रहते हैं जबकि गरीब रिश्तेदारों से कतराते हैं। केवल स्वार्थ सिद्धि की अहमियत रह गई है। आए दिन हम अखबारों में समाचार पढ़ते हैं कि ज़मीन जाय़दाद, पैसे जेवर के लिए लोग हत्या व अपहरण जैसे नीच कार्य कर जाते हैं।
Q9. यदि आपके आसपास हरिहर काका जैसी हालत में कोई हो तो आप उसकी मदद कैसे करेंगे?
Answer: यदि हमारे घर के आसपास कोई हरिहर काका जैसी दशा में होगा तो हम उसकी हर संभव मदद करेंगे। पहले तो उसके परिवारवालों को समझाएँगे कि वे उस व्यक्ति के साथ इस तरह का व्यवहार न करें, उसे प्यार, सम्मान और अपनापन दें। फिर भी यदि वे न माने तो पड़ोस के बड़े-बुजुर्गों की सहायता लेंगे कि वे उनकी किसी प्रकार की सहायता करें। यदि पुलिस की मदद लेनी पड़ेगी तो हम पीछे नहीं हटेंगे। हम कोशिश करेंगे कि मीडिया भी सहयोग करे और उस व्यक्ति को इंसाफ़ दिलवाए।
Q10. हरिहर काका के गाँव में यदि मीडिया की पहुँच होती तो उनकी क्या स्थिति होती? अपने शब्दों में लिखिए।
Answer: हरिहर काका का जिस प्रकार से धर्म और घर अर्थात् खून के रिश्तों से विश्वास उठ चुका था, उससे वे मानसिक रूप से बीमार हो गए थे। वे बिलकुल चुप रहते थे। किसी की भी कोई बात का कोई उत्तर नहीं देते थे। वर्तमान दृष्टि से यदि देखा जाए तो आज मीडिया की अहम् भूमिका है। लोगों को सच्चाई से अवगत करना उसका मुख्य कार्य है। जन-संचार के दुवारा घर-घर में बात पहुँचाई जा सकती है। इसके द्वारा लोगों तथा समाज तक बात पहुँचाना आसान है। यदि हरिहर काका की बात मीडिया तक पहुँच जाती तो शायद स्थिति थोड़ी भिन्न होती। वे अपनी बात लोगों के सामने रख पाते और स्वयं पर हुए अत्याचारों के विषय में लोगों को जागृत करते। हरिहर काका को मीडिया ठीक प्रकार से न्याय दिलवाती। उन्हें स्वतंत्र रूप से जीने की व्यवस्था उपलब्ध करवाने में मदद करती। जिस प्रकार के दबाव में वे जी रहे थे वैसी स्थिति मीडिया की सहायता मिलने के बाद नहीं होती।
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