We have Provided the NCERT/CBSE Solutions. Here You Found chapter-wise for Class 9 Hindi. Chapter 4 माटी वाली with Solutions by expert subject teacher for latest syllabus and examination. Students can take a free NCERT Solutions of माटी वाली. Each question has right answer Solved by Expert Teacher.
NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kshitij with Answers
CBSE Solutions Class 9 Hindi माटी वाली
Page No. 48
Q1. ‘शहरवासी सिर्फ माटी वाली को नहीं, उसके कंटर को भी अच्छी तरह पहचानते हैं।’ आपकी समझ से वे कौन से कारण रहे होंगे जिनके रहते ‘माटी वाली’ को सब पहचानते थे?
Answer: शहरवासी माटी वाली तथा उसके कंटर को इसलिए जानते होंगे क्योंकि पूरे टिहरी शहर में केवल वही अकेली माटी वाली थी। उसका कोई प्रतियोगी नहीं था। माटीवाली की लाल मिट्टी हर घर की आवश्यकता थी, जिससे चूल्हे-चौके की पुताई की जाती थी। इसके बिना किसी काम नहीं चलता था। इसलिए सभी उसे जानते थे तथा उसके ग्राहक थे। वह पिछले अनेक वर्षों से शहर की सेवा कर रही थी। इस कारण स्वाभाविक रूप से सभी लोग उसे जानते थे। माटी वाली की गरीबी, फटेहाली और बेचारगी भी उसकी पहचान का एक कारण रही होगी।
Q2 . माटी वाली के पास अपने अच्छे या बुरे भाग्य के बारे में ज़्यादा सोचने का समय क्यों नहीं था?
Answer: पूरे टिहरी शहर को सिर्फ़ वही माटी देती आ रही थी। उसका घर शहर से दूर था जिस कारण वह प्रात:काल निकल जाती थी। वहाँ पूरा दिन माटीखान से माटी खोदती व शहर में विभिन्न स्थानों में फैले घरों तक माटी को पहुँचाती थी। माटी ढोते-ढोते उसे रात हो जाती थी। इसी कारण उसके पास समय नहीं था कि अपने अच्छे या बुरे भाग्य के विषय में सोच पाती अर्थात् उसके पास समय की कमी थी जो उसे सोचने का भी वक्त नहीं देती थी।
Q3. ‘भूख मीठी कि भोजन मीठा’ से क्या अभिप्राय है?
Answer: भूख और भोजन के मध्य एक सम्बन्ध है, अगर भूख हो तो ही स्वाद आता है। अगर पेट भरा हो तो पकवान भी स्वादहीन होता है। उपरोक्त पंक्ति का यही अभिप्राय है कि भूख ही इस सम्पूर्ण विश्व में सर्वाधिक स्वादिष्ट चीज है।
Q4. ‘पुरखों की गाढ़ी कमाई से हासिल की गयी चीज़ों को हराम के भाव बेचने को मेरा दिल गवाही नहीं देता।’ – मालकिन के इस कथन के आलोक में विरासत के बारे में अपने विचार व्यक्त कीजिए।
Answer: हमारे पुरखों के समय इतने साधन और सुविधाएँ न थीं। उन्हें हर चीज़ पाने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती थी। आमदनी कम होने से मूलभूत आवश्यकताएँ पूरा करना भी कठिन हो जाता था। इसके बाद भी उन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई में से कुछ पैसे बचाकर अनेक कलात्मक वस्तुएँ एकत्र की और उन्हें अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए छोड़ गए। इनसे उनकी मेहनत लगन और बचत की कठिनाइयों का पता चलता है।
नई पीढ़ी के लिए ये वस्तुएँ विरासत जैसी होती हैं। इनसे हमें अपनी सभ्यता संस्कृति का ज्ञान मिलता है। ये वस्तुएँ हमारे पूर्वजों की रुचियों एवं आर्थिक सामाजिक स्थिति का परिचय कराती हैं। यह आने वाली पीढ़ियों का दायित्व है कि वे विरासत की इन वस्तुओं का संरक्षण करें तथा भावी पीढ़ी को सौंप जाएँ। पूर्वजों की मेहनत और गाढ़ी कमाई से बनाई इन वस्तुओं का महत्त्व जानकर ही मालकिन का मन इन्हें हराम के भाव में बेचने को नहीं करता है।
Q5. माटी वाली का रोटियों का इस तरह हिसाब लगाना उसकी किस मजबूरी को प्रकट करता है?
Answer: माटी वाली जब किसी घर में चाय के समय पर माटी देने पहुँच गई तो घर की मालकिन ने उसे दो रोटियाँ दीं, जिनमें से माटी वाली ने एक खा लिया और दूसरा कपड़े में लपेट दिया। सामने वाले घर से कामिनी नामक लड़की के बुलाने पर जब वहाँ गई तो माटी लाने के लिए उसे दो रोटियाँ और मिल गईं जिन्हें उसने कपड़े में बाँध लिया। घर जाते हुए वह सोच रही थी कि ये रोटियाँ वह अपने बीमार अशक्त बुड्ढे के सामने परोस देगी। वह हद से हद एक या डेढ़ रोटियाँ ही खा सकेगा। बाकी डेढ़ रोटियों से वह अपना काम चला लेगी। उसके द्वारा रोटियों का ऐसा हिसाब लगाया जाना उसकी घोर गरीबी की ओर संकेत करता है कि वह किस तरह दूसरे घरों से मिली रोटियों पर गुजर करने को विवश है।
Q6. ‘आज माटी वाली बुड्ढे को कोरी रोटियाँ नहीं देगी।’ – इस कथन के आधार पर माटी वाली के ह्रदय के भावों को अपने शब्दों में लिखिए।
Answer: बुड्ढे पति के अलावा माटी वाली का कोई अपना नहीं था| वह अभावग्रस्त जीवन जी रही थी जिस कारण वह अपने बीमार पति के लिए अच्छे भोजन नहीं जुटा पाती थी| परन्तु उस दिन वह अपने पति के लिए तीन रोटियाँ बचाकर ले जा रही थी| उसने अपनी आमदनी से प्याज भी ख़रीदा था| उसने सोचा था कि वह घर जाकर सब्जी बनाएगी और अपने पति के सामने परोसेगी| आज उसके पति को रुखा-सूखा नहीं खाना पड़ेगा| अपने पति के प्रति ये सोच माटीवाली के असीम स्नेह और कर्तव्यों को दर्शाते हैं|
Q7. गरीब आदमी का श्मशान नहीं उजड़ना चाहिए। इस कथन का आशय स्पष्ट कीजिए।
Answer: ‘माटी वाली’ नामक इस पाठ में लेखक ने गरीबों के विस्थापन की समस्या को अत्यंत प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है। लेखक ने टिहरी से विस्थापित होने वाले लोगों के दर्द को अत्यंत गहराई से महसूस किया है। माटी वाली के पास न अपनी कोई जमीन थी और न माटाखान का कोई कागज। वह तो गाँव के ठाकुर की जमीन पर झोंपड़ी डालकर रहती है। माटीवाली एक दिन जब घरों में माटी पहुँचाकर आती है तो देखती है कि उसके पति की मृत्यु हो चुकी है।
माटी वाली के सामने इस समय मुख्य समस्या शहर से विस्थापित होने की नहीं, बल्कि अपने पति के अंतिम संस्कार की है, क्योंकि श्मशान घाट डूब चुके हैं। उसके लिए घर और श्मशान में कोई अंतर नहीं रह जाता है।
वह सोचती है कि एक ओर व्यक्ति प्रतिदिन विकास का दावा करता है, पर गरीब आदमी का सबकुछ छिना जा रहा है। मरने के बाद उसे जगह भी नहीं मिल रही है। वह पीड़ा एवं हताशा के कारण कहती है कि आम आदमी का श्मशान नहीं उजड़ना चाहिए।
Q8. ‘विस्थापन की समस्या’ पर एक अनुच्छेद लिखिए।
Answer: विस्थापन का अर्थ है किसी स्थान पर बसे हुए लोगों को कहीं से बलपूर्वक हटाना और वह जगह उनसे खाली करा लेना। आज विकास और प्रगति के नाम पर कई लोगों को अपनी जड़ों को छोड़कर जाना पड़ता है। उनके सामने रोजगार और घर की समस्या उत्पन्न हो जाती है। ऐसा नहीं है कि सरकार विस्थापितों को बसाने के लिए कोई कदम नहीं उठाती परन्तु ये सारी सुविधाएँ अपर्याप्त होती हैं।
We Think the given NCERT Solutions for class 9 Hindi. Chapter 4 माटी वाली with Answers Pdf free download will assist you. If you’ve got any queries regarding CBSE Class 9 Hindi माटी वाली NCERT Solutions with Answers, drop a comment below and that we will come back to you soons.