एवरेस्ट : मेरी शिखर यात्रा NCERT Solutions for Class 9 Hindi Sparsh Chapter 3 with Answers

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NCERT Solutions for Class 9 Hindi Sparsh with Answers

CBSE Solutions Class 9 Hindi एवरेस्ट : मेरी शिखर यात्रा

Page No. 31

प्रश्न अभ्यास

मौखिक

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए –

Q1. अग्रिम दल का नेतृत्व कौन कर रहा था?

Answer: अग्रिम दल का नेतृत्व उपनेता प्रेमचन्द कर रहे थे।

Q2. लेखिका को सागरमाथा नाम क्यों अच्छा लगा?

Answer: लेखिका को सागरमाथा नाम अच्छा लगा क्योंकि सागर के पैर नदियाँ हैं तो सबसे ऊँची चोटी उसका माथा है और यह एक फूल की तरह दिखाई देता है, जैसे माथा हो।

Q3. लेखिका को ध्वज जैसा क्या लगा?

Answer: एवरेस्ट की तरफ गौर से देखते हुए लेखिका को एक भारी बर्फ का फूल दिखा जो पर्वत शिखर पर लहराता एक ध्वज-सा लग रहा था।

Q4. हिमस्खलन से कितने लोगो की मृत्यु हुई और कितने लोग घायल हुए?

Answer: हिमस्खलन से एक व्यक्ति की मृत्यु हुई और चार घायल हुए।

Q5. मृत्यु के अवसाद देखकर कर्नल खुल्लर ने क्या कहा?

Answer: मृत्यु के अवसाद को देखकर कर्नल खुल्लर ने कहा कि एवरेस्ट जैसे महान अभियान में खतरों को और कभी-कभी तो मृत्यु भी आदमी को सहज भाव से स्वीकार करना चाहिए।

Q6. सहायक की मृत्यु कैसे हुई?

Answer: रसोई सहायक की मृत्यु जलवायु अनुकूल न होने के कारण हुई।

Q7. कैंप- चार कहाँ और कब लगाया गया?

Answer: कैंप-चार 7900 मीटर ऊँची ‘साउथ कोल’ नामक जगह पर 29 अप्रैल को लगाया गया था।

Q8. लेखिका ने शेरपा कुली को अपना परिचय किस तरह दिया?

Answer: लेखिका ने जब साउथ पोल के बेस कैंप में शेरपा कुली को देखा तो उन्होंने उसे अपना परिचय यह कहकर दिया कि मैं बिल्कुल ही नौसिखिया हूँ और एवरेस्ट मेरा पहला अभियान है तथा शिखर पर पहुँचने से पहले उन्हें कोई अनुभव प्राप्त नहीं हुआ।

Q9. लेखिका की सफलता पर कर्नल खुल्लर ने उसे किन शब्दों में बधाई दी?

Answer: लेखिका की सफलता पर बधाई देते हुए कर्नल खुल्लर ने कहा, “मैं तुम्हारी इस अनूठी उपलब्धि के लिए तुम्हारे माता–पिता को बधाई देना चाहूँगा देश को तुम पर गर्व है और अब तुम ऐसे संसार में जाओगी जो तुम्हारे अपने पीछे छोड़े हुए संसार से एकदम भिन्न होगा। “

लिखित

(क) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30) शब्दों में लिखिए –

Q1. नजदीक से एवेरेस्ट को देखकर लेखिका को कैसा लगा?

Answer: नजदीक से एवरेस्ट को देखकर लेखिका को इतना अच्छा लगा कि वह भौचक्की होकर देखती रही। उसने बेस-कैंप पहुँचने पर दूसरे दिन एवरेस्ट और उसकी अन्य श्रेणियों को देखा। वह इसके सौंदर्य को देखकर प्रभावित हुई। ल्होत्से और नुत्से की ऊँचाइयों से घिरी बर्फीली टेढ़ी-मेढ़ी नदी को निहारती रही।

Q2. डॉ मीनू मेहता ने क्या जानकारियां दीं?

Answer: डॉ. मीनू मेहता ने अनेकों जानकारियाँ दीं −

  1. अग्रिम दल के अभियांत्रिकी कार्यों की जानकारी दी।
  1. अल्यूमिनियम की सीढ़ियों से अस्थायी पुल का निर्माण करने की जानकारी दी।
  2. लट्ठों और रस्सियों का उपयोग करने की जानकारी, बर्फ़ की आड़ी तिरछी दीवारों पर रस्सियों को बाँधने की जानकारी दी।

Q3. तेनजिंग ने लेखिका की तारीफ़ में क्या कहा?

Answer: तेनजिंग ने लेखिका की तारीफ़ में कहा कि वह एक पर्वतीय लड़की है। उसे तो शिखर पर पहले ही प्रयास में पहुँच जाना चाहिए। अर्थात् वे लेखिका की सफलता चाहते थे और उन्हें पूरी आशा थी कि वे सफल होंगी।

Q4. लेखिका को किनके साथ चढ़ाई करनी थी?

Answer: लेखिका को अपने दल तथा जय और मीनू के साथ चढ़ाई करनी थी। परन्तु वे लोग पीछे रह गए थे। उनके पास भारी बोझ था और वे बिना ऑक्सीजन के आ रहे थे। इस कारण उनकी गति कम हो गई थी। उनकी स्थिति देखकर लेखिका चिंतित थी।

Q5. लोपसांग ने तंबू का रास्ता कैसे साफ़ किया?

Answer: लोपसांग ने स्विस छुरी की सहायता से तंबू का रास्ता साफ़ किया। उसने बड़े-बड़े हिमपिंडों को सामने से हटाया तथा चारों तरफ फैली कठोर बर्फ़ की खुदाई की। तब जाकर बाहर निकलने का रास्ता साफ़ हो सका।

Q6. साउथ कोल कैंप पहुँचकर लेखिका ने अगले दिन की महत्त्वपूर्ण चढ़ाई की तैयारी कैसे शुरु की?

Answer: साउथ कोल’ कैंप पहुँचकर लेखिका ने अगले दिन की चढ़ाई की तैयारी शुरू की। उसने खाना, कुकिंग गैस तथा ऑक्सीजन सिलेंडर इकट्टे किए। उसके बाद वह चाय बनाने की तैयारी करने लगी।

(ख) निम्नलिखित प्रश्नो का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए –

Q1. उपनेता प्रेमचंद ने किन स्थितियों से अवगत कराया?

Answer: उपनेता प्रेमचंद ने अग्रिम दल का नेतृत्व करते हुए पहली बड़ी बाधा खुंभु हिमपात की स्थिति से पर्वतारोहियों को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि उनके दल ने कैंप-एक जो हिमपात के ठीक ऊपर है, वहाँ तक का रास्ता साफ कर दिया है। उन्होंने यह बताया कि पुल बनाकर, हरस्तियाँ बाँधकर तथा झंडियों से रास्ता चिन्हित कर सभी बड़ी कठिनाइयों का जायजा ले लिया गया है। उन्होंने इस पर भी ध्यान दिलाया कि ग्लेशियर बर्फ की नदी है और बर्फ का गिरना अभी जारी है। हिमपात में अनियमित और अनिश्चित बदलाव के कारण अभी तक के लिए गए सभी बदलाव व्यर्थ हो सकते हैं और हमें रास्ता खोलने का काम दोबारा करना पड़ सकता है।

Q2. हिमपात किस तरह होता है और उससे क्या-क्या परिवर्तन आते हैं?

Answer: बर्फ़ के खंडो का अव्यवस्थित ढंग से गिरने को हिमपात कहा जाता है। हिमपात बर्फ़ (ग्लेशियर) की नदी होती है। ग्लेशियर के बहने से अक्सर बर्फ़ में हलचल मच जाती है। इससे बर्फ़ की बड़ी-बड़ी च़ट्टाने तत्काल गिर जाया करती हैं। अन्य कारणों से भी अचानक खतरनाक स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इससे धरातल पर बड़ी चौड़ी दरारें पड़ जाती हैं।

Q3. लेखिका के तम्बू में गिरे बर्फ़ पिंड का वर्णन किस तरह किया गया?

Answer: लेखिका गहरी नींद में सोई थी कि रात में 12.30 बजे के लगभग सिर के पिछले हिस्से से किसी सख्त चीज के टकराने से नींद खुल गई। साथ ही एक जोरदार धमाका भी हुआ। साँसें लेने में कठिनाई होने लगी। एक लंबा बर्फ का पिंड कैंप के ठीक ऊपर ल्होत्से ग्लेशियर से टूटकर नीचे आ गिरा था। उसका विशाल हिमपुंज बन गया था। हिमखंडों, बर्फ के टुकड़ों तथा जमी हुई बर्फ के इस विशालकाय पुंज ने, एक एक्सप्रेस रेलगाड़ी की तेज गति और भीषण गर्जना को भी पीछे छोड़ दिया। कैप नष्ट हो गया था। वास्तव में हर व्यक्ति को चोट लगी। यह एक आश्चर्य था कि किसी की मृत्यु नहीं हुई थी।

Q4. लेखिका को देखकर ‘की’ हक्का-बक्का क्यों रह गया?

Answer: लेखिका को देखकर ‘की’ हक्का बक्का रह गया क्योंकि इतनी बर्फ़ीली हवा में नीचे उतरना जोखिम भरा था फिर भी लेखिका सबके लिए चाय व जूस लेने नीचे उतर रही थी और उसे ‘की’ से भी मिलना था।

Q5. एवेरेस्ट पर चढ़ने के लिए कितने कैंप बनाये गए? उनका वर्णन कीजिए।

Answer: उपनेता प्रेमचंद ने अभियान दल के सदस्यों को पहली बड़ी बाधा खुंभु हिमपात की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने यह भी बताया कि उनके दल ने कैंप-एक (6000 मीटर),जो हिमपात के ठीक ऊपर है, वहाँ तक का रास्ता साफ़ कर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि पुल बना दिया गया है, रस्सियाँ बाँध दी गई हैं तथा झंडियों से रास्ते को चिह्नित कर दिया गया है। इसके साथ-साथ बड़ी कठिनाइयों का जायजा ले लिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि ग्लेशियर बर्फ़ की नदी है और बर्फ़ का गिरना जारी है। यदि हिमपात अधिक हो गया तो अभी तक किए गए सारे काम व्यर्थ हो सकते हैं।

Q6. चढ़ाई के समय एवरेस्ट की चोटी की स्थिति कैसी थी?

Answer: चढ़ाई के समय एवरेस्ट की चोटी शंक्वाकार थी। यह चोटी इतनी पतली हो गई थी कि एक साथ दो व्यक्ति साथ-साथ नहीं खड़े हो सकते थे। वहाँ खड़ा हो पाना कठिन हो रहा था। उसके आगे तो बस हज़ारों मीटर, दूर-दूर तक बस सीधी ढलान ही ढलान थी।

Q7. सम्मिलित अभियान में सहयोग एवं सहायता की भावना का परिचय बचेंद्री के किस कार्य से मिलता है।

Answer: एवरेस्ट पर विजय पाने के अभियान के दौरान लेखिको बचेंद्री पाल अपने साथियो ‘जय’, की ‘मीनू’ के साथ चढाई कर रही थी, परंतु वह इनसे पहले साउथ कोल कैंप पर जा पहुँची क्योंकि वे बिना ऑक्सीजन के भारी बोझ लादे चढ़ाई कर रहे थे। लेखिका ने दोपहर बाद इन सदस्यों की मदद करने के लिए एक थरमस को जूस से और दूसरे को गरम चाय से भर लिया और बरफ़ीली हवा में कैंप से बाहर निकल कर उन सदस्यों की ओर नीचे उतरने लगी। उसके इस कार्य से सहयोग एवं सहायता की भावना का परिचय मिलता है।

निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए –

Q1. एवरेस्ट जैसे महान अभियान में खतरों को और कभी-कभी तो मृत्यु भी आदमी को सहज भाव से स्वीकार करनी चाहिए।

Answer: यह कथन अभियान दल के नेता कर्नल खुल्लर का है। इन शब्दों का उल्लेख उन्होंने शेरपा कुली की मृत्यु के समाचार के बाद कहा था। उन्होंने सदस्यों के उत्साहवर्धन करते हुए अभियान के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को वास्तविकता से परिचित करना चाहा। एवरेस्ट की चढ़ाई कोई आसान काम नहीं है, यह जोखिम भरा अभियान होता है। यहाँ इतने खतरे हैं कि कभी कभी मृत्यु भी हो सकती है। इसके लिए तैयार रहना चाहिए विचलित नहीं होना चाहिए।

Q2. सीधे धरातल पर दरार पड़ने का विचार और इस दरार का गहरे-चौड़े हिम-विदर में बदल जाने का मात्र खयाल ही बहुत डरावना था। इससे भी ज़्यादा भयानक इस बात की जानकारी थी कि हमारे संपूर्ण प्रयास के दौरान हिमपात लगभग एक दर्जन आरोहियों और कुलियों को प्रतिदिन छूता रहेगा।

Answer: आशय-हिमपात का अव्यवस्थित ढंग से गिरना स्वयं में डरावना था। धरातल में दरार पड़ने का विचार और हिमपात तथा ग्लेशियर के बहने से बड़ी-बड़ी बर्फ की चट्टानों के गिरने की बात सुनकर लेखिका का भयभीत होना स्वाभाविक था। बड़ी-बड़ी बर्फ की चट्टानों के गिरने से कई बार धरातल पर ये दरारें बहुत गहरी और चौड़ी बर्फ से ढकी हुई गुफाओं में बदल जाती थीं, जिनमें धंसकर मनुष्य का जीवित रहना संभव नहीं था। इससे भी ज्यादा भयानक इस बात की जानकारी थी कि इनके सारे अभियान में यह हिमपात लगभग एक दर्जन पर्वतारोहियों और कुलियों का प्रतिदिन प्रभावित करता रहेगा। उन्हें इसका सामना करना पड़ेगा।

Q3. बिना उठे ही मैंने अपने थैले से दुर्गा माँ का चित्र और हनुमान चालीसा निकाला। मैंने इनको अपने साथ लाए लाल कपड़े में लपेटा, छोटी-सी पूजा-अर्चना की और इनको बर्फ़ में दबा दिया। आनंद के इस क्षण में मुझे अपने माता-पिता का ध्यान आया।

Answer: लेखिका जब एवरेस्ट की चोटी पर पहुँचकर घुटनों के बल बैठ कर बर्फ़ पर अपना माथा लगाया और चुंबन किया। उसके बाद एक लाल कपड़े में माँ दुर्गा का चित्र और हनुमान चालीसा को लपेटा और छोटी से पूजा करके बर्फ़ में दबा दिया वह बहुत खुश थी और उसे अपने माता-पिता का स्मरण हो आया।

भाषा अध्यन

Q1. इस पाठ में प्रयुक्त निम्नलिखित शब्दों की व्याख्या पाठ का संदर्भ देकर कीजिए − निहारा है, धसकना, खिसकना, सागरमाथा, जायज़ा लेना, नौसिखिया

Answer:

  1. निहारा है − यह पाठ एवरेस्ट की चोटी को बचेंद्री पाल ने निहारा है।
  2. धसकना-खिसकना − ये दोनों शब्द हिम-खंडो के गिरने के संदर्भ में आए हैं।
  3. सागरमाथा − नेपाली एवरेस्ट चोटी को सागरमाथा कहते हैं।
  4. जायज़ा लेना − यह शब्द प्रेमचंद ने कैंप के परीक्षण निरीक्षण कर स्थिति के बारे में प्रयुक्त हुआ है।
  5. नौसिखिया − बचेंद्री पाल ने तेनजिंग को अपना परिचय देते हुए यह शब्द प्रयुक्त किया है।

Q2. निम्नलिखित पंक्तियों में उचित विराम चिह्नों का प्रयोग कीजिए −

(क) उन्होंने कहा तुम एक पक्की पर्वतीय लड़की लगती हो तुम्हें तो शिखर पर पहले ही प्रयास में पहुँच जाना चाहिए
(ख) क्या तुम भयभीत थीं
(ग) तुमने इतनी बड़ी जोखिम क्यों ली बचेंद्री

Answer: (क) उन्होंने कहा “तुम एक पक्की पर्वतीय लड़की लगती हो तुम्हें तो शिखर पर पहले ही प्रयास में पहुँच जाना चाहिए”।
(ख) क्या तुम भयभीत थीं?
(ग) तुमने इतनी बड़ी जोखिम क्यों ली, बचेंद्री?

Q3. नीचे दिए उदाहरण के अनुसार निम्नलिखित शब्द-युग्मों का वाक्य में प्रयोग कीजिए − उदाहरण : हमारे पास एक वॉकी-टॉकी था।

टेढ़ी-मेढ़ी
गहरे-चौड़े
आस-पास
हक्का-बक्का
इधर-उधर
लंबे-चौड़े

Answer:
टेढ़ी-मेढ़ी − यह पगडंडी बहुत टेढ़ी-मेढ़ी है।
गहरे-चौड़े − वहाँ गहरे-चौड़े गड्ढे थे।
आस-पास − गाँव के आस-पास खेत हैं।
हक्का-बक्का −उसको वहाँ देखकर मैं हक्का-बक्का रह गया।
इधर-उधर − इधर-उधर की बातें करना बंद करो।
लंबे-चौड़े − यहाँ बहुत लंबे-चौड़े मैदान हैं।

Q4. उदाहरण के अनुसार विलोम शब्द बनाइए-
उदाहरण : अनुकूल – प्रतिकूल

नियमित – …………………
विख्यात – …………………
आरोही – …………………
निश्चित – …………………
सुंदर – …………………

Answer:

नियमित – अनियमित
विख्यात – कुख्यात
आरोही – अवरोही
निश्चित – अनिश्चित
सुंदर – असुंदर

Q5. निम्नलिखित शब्दों में उपयुक्त उपसर्ग लगाइए
जैसे – पुत्र-सुपुत्र

वास
व्यवस्थित
कूल
गति
रोहण
रक्षित

Answer:

वास – सुवास, निवास
व्यवस्थित – सुव्यवस्थित, अव्यवस्थित
कूल – प्रतिकूल, दुकूल, अनुकूल
गति – प्रगति, सद्गति, दुर्गति
रोहण – आरोहण
रक्षित – सुरक्षित, अरक्षित।

Q6. निम्नलिखित क्रिया विशेषणों का उचित प्रयोग करते हुए रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
अगले दिन, कम समय में, कुछ देर बाद, सुबह तक

मैं “…………………..” यह कार्य कर लूंगा।।
बादल घिरने के …………………: ही वर्षा हो गई।
उसने बहुत ………………….. इतनी तरक्की कर ली।
नाङकेसा को ……………………. गाँव जाना था।

Answer: मैं सुबह तक यह कार्य कर लूंगा।।
बादल घिरने के कुछ देर बाद ही वर्षा हो गई।
उसने बहुत कम समय में इतनी तरक्की कर ली।
नाङकेसा को अगले दिन गाँव जाना था।

योग्यता-विस्तार

Q1. इस पाठ में आए दस अंग्रेजी शब्दों का चयन कर उनके अर्थ लिखिए।

Answer: बेस कैंप – पर्वतारोही-दल जिस भवन या तंबू से अपने चढ़ाई-अभियान का आरंभ करता है।
एवरेस्ट – हिमालय की एक ऊँची चोटी का नाम।
किलोमीटर – एक हजार मीटर दूरी का फासला।।
पुल – सेतु।
ग्लेशियर – बर्फ की नदी।
अल्युमिनियम – एक धातु का नाम।
वॉकी-टॉकी – एक बेतार का संचार-यंत्र जिसके द्वारा चलते-चलते बात की जा सकती है।
साउथ – दक्षिण दिशा।

Q2. पर्वतारोहण से संबंधित दस चीज़ों के नाम लिखिए।

Answer: नायलॉन की रस्सी
ऑक्सीज़न
फावड़ा
वॉकी-टॉकी
झंडियाँ
अल्युमिनियम की सीढ़ी

Q3. तेनजिंग शेरपा की पहली चढ़ाई के बारे में जानकारी प्राप्त कीजिए।

Answer: तेनजिंग शेरपा को 1935 में ‘एरिक शिप्टन’ के साथ पहली बार एवरेस्ट अभियान पर जाने का अवसर मिला। तब वे 19 साल के थे। यह अभियान एवरेस्ट के तिब्बत क्षेत्र का था। इसका उद्देश्य चोटी तक पहुँचने का नहीं था। इस पहले अभियान में उन्होंने रस्सी का प्रयोग करके ग्लेशियर के बीच कदम बढ़ाने के रास्ते खोजे। जब उन्होंने यात्रा शुरू की तो बेस कैंप में ही उन्हें एक मृत शरीर मिला। उन्होंने मृत शरीर को वहीं दफना दिया और पास रखी डायरी उठा ली। इस यात्रा में मौसम बहुत अच्छा था। तेनजिंग को महसूस हुआ था कि उन्हें तभी चोटी तक पहुँचना चाहिए था।

Q4. इस पर्वत का नाम ‘एवरेस्ट’ क्यों पड़ा? जानकारी प्राप्त कीजिए।

Answer: सन् 1830 से 1841 की अवधि में सर जार्ज एवरेस्ट ब्रिटिश शासन के दौरान ‘सर्वेअर जनरल ऑफ इंडिया’ थे। उन्होंने पहली बार एवरेस्ट चोटी की प्रामाणिक जानकारी रिकार्ड की थी। तब इस चोटी का नाम रखा गया था-‘पीक-15’। बाद में सन् 1865 में सर जार्ज एवरेस्ट को सम्मानित करने के उद्देश्य से इस चोटी का नाम ‘माउंट एवरेस्ट’ रखा गया।

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