लखनवी अंदाज़ NCERT Solutions for Class 10 Hindi Chapter 12 with Answers free PDF Download

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NCERT Solutions for Class 10 Hindi Kshitij-2 with Answers

CBSE Solutions Class 10 Hindi लखनवी अंदाज़

Page No. 80

प्रश्न अभ्यास

Q1. लेखक को नवाब साहब के किन हाव-भावों से महसूस हुआ कि वे उनसे बातचीत करने के लिए तनिक भी उत्सुक नहीं हैं ?

Answer: लेखक के अचानक डिब्बे में कूद पड़ने से नवाब-साहब की आँखों में एकांत चिंतन में खलल पड़ जाने का असंतोष दिखाई दिया। ट्रेन में लेखक के साथ बात-चीत करने के लिए नवाब साहब ने कोई उत्साह नहीं प्रकट किया। इससे लेखक को स्वयं के प्रति नवाब साहब की उदासीनता का आभास हुआ।

Q2. नवाब साहब ने बहुत ही यत्न से खीरा काटा, नमक-मिर्च बुरका, अंतत: सूँघकर ही खिड़की से बाहर फेंक दिया। उन्होंने ऐसा क्यों किया होगा ? उनका ऐसा करना उनके कैसे स्वभाव को इंगित करता है ?

Answer: नवाब साहब द्वारा दिए गए खीरा खाने के प्रस्ताव को लेखक ने अस्वीकृत कर दिया। खीरे को खाने की इच्छा तथा सामने वाले यात्री के सामने अपनी झूठी साख बनाए रखने के कश्मकश में नवाब ने खीरे को काटकर खाने की सोची तथा फिर अन्तत: जीत नवाब के दिखावे की हुई। अत: इसी इरादे से उसने खीरे को फेंक दिया।

नवाब के इस स्वभाव से ऐसा लगता है कि वो दिखावे की जिंदगी जीते हैं। खुद को श्रेष्ठ सिद्ध करने के लिए वो कुछ भी कर सकते हैं।

Q3. बिना विचार, घटना और पात्रों के भी क्या कहानी लिखी जा सकती है। यशपाल के इस विचार से आप कहाँ तक सहमत हैं?

Answer: अपने इस कथन के द्वारा लेखक ने नई कहानी के दौर के लेखकों पर व्यंग किया है। किसी भी कहानी की रचना उसके आवश्यक तत्वों – कथावस्तु, घटना, पात्र आदि के बिना संभव नहीं होती। घटना तथा कथावस्तु कहानी को आगे बढ़ाते हैं, पात्रों द्वारा संवाद कहे जाते हैं। ये कहानी के लिए आवश्यक तत्व हैं।

Q4. आप इस निबंध को और क्या नाम देना चाहेंगे?

Answer: नवाबी दिखावा या नवाबी ठाट, थोथा चना, असार्थक प्रदर्शन आदि-आदि शीर्षक हो सकते हैं जो पाठ के निहित अर्थ को समेटे हुए हैं।

Q5. नवाब साहब द्वारा खीरा खाने की तैयारी करने का एक चित्र प्रस्तुत किया गया है। इस पूरी प्रक्रिया को अपने शब्दों में व्यक्त कीजिए।

Answer: नवाब साहब ने खीरों को खिड़की से बाहर कर पानी से धोया और तौलिए से पोंछ लिया। जेब से चाकू निकालकर दोनों खीरों के ऊपरी हिस्से को काटकर झाग निकाला। खीरों को छीलकर, उसकी फांकों को करीने से तीलिए पर सजाया। जीरा मिला नमक तथा पिसी हुई लाल मिर्च की पुड़िया का मसाला खीरे की फांकों पर डाला। उनकी प्रत्येक भाव-भंगिमा और जबड़ों के फड़कने से स्पष्ट था कि ऐसा करते समय उनका मुख खीरे के रसास्वादन की कल्पना से भर गया।

(ख) किन-किन चीज़ों का रसास्वादन करने के लिए आप किस प्रकार की तैयारी करते हैं?

Answer: छात्र अपनी रुचि के अनुसार स्वयं लिखें।

Q6. खीरे के संबंध में नवाब साहब के व्यवहार को उनकी सनक कहा जा सकता है। आपने नवाबों की और भी सनकों और शौक के बारे में पढ़ा-सुना होगा। किसी एक के बारे में लिखिए

Answer: हाँ, सनक का सकारात्मक रूप भी होता है। प्रसिद्ध व्यक्तियों, वैज्ञानिकों की सफलता के पीछे उनकी सनक ही होती है। वे अपनी सनक के कारण ही अपना लक्ष्य पाए बिना नहीं रुकते हैं। बिहार के दशरथ माँझी ने अपनी सनक के कारण ही पहाड़ काटकर ऐसा रास्ता बना दिया जिससे वजीरगंज अस्पताल की दूरी सिमटकर एक चौथाई रह गई। अपनी सनक के कारण वे ‘भारतीय माउंटेन मैन’ के नाम से जाने जाते हैं।

Q7. क्या सनक का कोई सकारात्मक रूप हो सकता है? यदि हाँ तो ऐसी सनकों का उल्लेख कीजिए। [केंद्रीय बोर्ड प्रतिदर्श प्रश्नपत्र

Answer: हाँ, सनक का सकारात्मक रूप भी हो सकता है। प्रायः गाँधी, सुभाष, विवेकानंद, मदन मोहन मालवीय आदि महापुरुष भी सनकी हुए हैं। उन्हें जिस चीज़ की सनक सवार हो जाती है उसे पूरा करके ही छोड़ते थे। कौन नहीं जानता कि गाँधी जी को अहिंसात्मक आंदोलनों की सनक थी। आंदोलन में जरा-सी भी हिंसा हुई तो वे आंदोलन वापस ले लेते थे। विवेकानंद को ईश्वर को जानने की सनक थी। वे जिस किसी संत-महात्मा से मिलते थे, उनसे पूछते-क्या आपने ईश्वर को देखा है। उनकी इसी सनक ने उन्हें ज्ञानी बना दिया। वे रामकृष्ण परमहंस के संपर्क में आ गए। ऐसे अनेक उदाहरण हैं।

Q8. निम्नलिखित वाक्यों में से क्रियापद छाँटकर क्रिया-भेद भी लिखिए –

(क) एक सफ़ेदपोश सज्जन बहुत सुविधा से पालथी मारे बैठे थे।

Answer: बैठे थे − अकर्मक क्रिया

(ख) नवाब साहब ने संगति के लिए उत्साह नहीं दिखाया।

Answer: दिखाया − सकर्मक क्रिया

(ग) ठाली बैठे, कल्पना करते रहने की पुरानी आदत है।

Answer: आदत है − सकर्मक क्रिया

(घ) अकेले सफ़र का वक्त काटने के लिए ही खीरे खरीदे होंगे।

Answer: खरीदे होंगे − सकर्मक क्रिया

(ङ) दोनों खीरों के सिर काटे और उन्हें गोदकर झाग निकाला।

Answer: निकाला − सकर्मक क्रिया

(च) नवाब साहब ने सतृष्ण आँखों से नमक-मिर्च के संयोग से चमकती खीरे की फाँकों की ओर देखा।

Answer: देखा − सकर्मक क्रिया

(छ) नवाब साहब खीरे की तैयारी और इस्तेमाल से थककर लेट गए।

Answer: लेट गए − अकर्मक क्रिया

(ज) जेब से चाकू निकाला।

Answer: निकाला − सकर्मक क्रिया

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