We have Provided the NCERT/CBSE Solutions chapter-wise for Class 10 Hindi Chapter 15 अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले with Answers, Solveed by expert subject teacher for latest syllabus and examination. Students can take a free NCERT Solutions of अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले. Each question has right answer Solved by Expert Teacher.
NCERT Solutions for Class 10 Hindi Sparsh with Answers
CBSE Solutions Class 10 Hindi अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
Page No. 114
प्रश्न अभ्यास
मौखिक
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों दीजिए –
Q1. बड़े-बड़े बिल्डर समुद्र को पीछे क्यों धकेल रहे थे?
Answer:आबादी बढ़ने के कारण स्थान का अभाव हो रहा था इसलिए बिल्डर नई-नई इमरातें बनाने के लिए बड़े-बड़े बिल्डर समुद्र को पीछे धकेल रहे थे।
Q2. लेखक का घर किस शहर में था?
Answer:लेखक का घर वर्सावा शहर में था।
Q3. जीवन कैसे घरों में सिमटने लगा है?
Answer:लेखक के अनुसार अब जीवन डिब्बे जैसे घरों में सिमटने लगा है। पहले बड़े-बड़े घर दालान आँगन होते थे, सब मिलजुल कर रहते थे, अब आत्मकेन्द्रित हो गए हैं। इसलिए लोग छोटे-छोटे डिब्बे जैसे घरों में सिमटने लगे हैं।
Q4. कबूतर परेशानी में इधर-उधर क्यों फड़फड़ा रहे थे?
Answer:कबूतर के जोड़े ने रोशनदान में दो अंडे दिए थे। उनमें से एक को बिल्ली ने फोड़ दिया और दूसरा सँभाल कर रखते हुए माँ से फूट गया। अपने अंडे फूटने से दुखी होने से कबूतर फड़फड़ा रहे थे।
लिखित
(क) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए –
Q1. अरब में लशकर को नूह के नाम से क्यों याद करते हैं?
Answer:अरब में लशकर को नूह के नाम से इसलिए याद किया जाता है क्योंकि वे सारी उम्र रोते रहे। उनके रोने का कारण एक जख्मी कुत्ता था जिसे उन्होंने दुत्कार दिया था।
Q2. लेखक की माँ किस समय पेड़ों के पत्ते तोड़ने के लिए मना करती थीं और क्यों?
Answer: लेखक की माँ रात होने पर पेड़ों के फूल पत्ते तोड़ने पर मना करती थी क्योंकि पेड़ रात में फूल तोड़ने पर श्राप देते हैं। माँ सूरज ढलने के पश्चात पेड़ों के पत्ते तोड़ने से मना करती थी। क्योंकि ऐसा करने से सभी पेड़ पौधे को बुरा लगता है।
Q3. प्रकृति में आए असंतुलन का क्या परिणाम हुआ?
Answer: गर्मी में ज्यादा गर्मी, बेवक्त की बरसातें, जलजले, सैलाब, तूफ़ान और नित नए रोग ये सारे प्रकृति में आए असंतुलन का परिणाम हैं।
Q4. लेखक की माँ ने पूरे दिन रोज़ा क्यों रखा?
Answer: लेखक के घर एक कबूतर का घोंसला था जिसमें दो अंडे थे। एक अंडा बिल्ली ने झपट कर तोड़ दिया, दूसरा अंडा बचाने के लिए माँ उतारने लगीं तो टूट गया। इस पर उन्हें दुख हुआ। माँ ने प्रायश्चित के लिए पूरे दिन रोज़ा रखा और नमाज़ पढ़कर माफी माँगती रहीं।
Q5. लेखक ने ग्वालियर से बंबई तक किन बदलावों को महसूस किया? पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
Answer: लेखक ने ग्वालियर से बंबई तक कई बदलावों को महसूस किया। जैसे–लेखक का वर्सावा में आज जो घर है, वहाँ पहले दूर तक जंगल था। पेड़ थे, परिंदे थे तथा दूसरे जानवर थे और अब यहाँ समंदर के किनारे लंबी-चौड़ी बस्ती बन गई है।
Q6. डेरा डालने से आप क्या समझते हैं? स्पष्ट कीजिए।
Answer: डेरा डालने’ का अर्थ है कुछ समय के लिए रहना। बड़ी-बड़ी इमारते बनने के कारण पक्षियों को घोंसले बनाने की जगह नहीं मिल रही है। वे इमारतों में ही डेरा डालने लगे हैं।
Q7. शेख अयाज़ के पिता अपने बाजू पर काला च्योंटा रेंगता देख भोजन छोड़ कर क्यों उठ खड़े हुए?
Answer: शेख अयाज़ के पिता अत्यंत दयालु और सहृदय व्यक्ति थे। एक बार वे कुएँ से स्नान करके लौटे और भोजन करने बैठ गए। अचानक उन्होंने देखा कि एक काला च्योंटा उनकी बाजू पर रेंग रहा है। उन्होंने भोजन वहीं छोड़ दिया और उसे छोड़ने उसके घर (कुएँ के पास) चल पड़े ताकि उस बेघर को उसका घर मिल सके।
(ख) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −
Q1. बढ़ती हुई आबादी का पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ा?
Answer: बढ़ती आबादी ने पर्यावरण के संतुलन को बिगाड़ कर रख दिया है। मानव ने समुद्र की लहरों को सीमित कर दिया है। समुद्र के रेतीले तटों पर भी मानवों ने बस्ती बसा दी। आसपास के जंगल काट डाले। पेड़ों को रास्तों से हटा दिया। परिणामस्वरूप पशु-पक्षी बस्तियाँ छोड़कर भाग गए। वातावरण में गर्मी बढ़ने लगी। मौसम चक्र टूट गया। बरसातें बेवक्त होने लगीं। कभी तूफ़ान, कभी आँधियाँ, कहीं बाहें, तो कहीं नए-नए रोग पैदा होने लगे। इस प्रकार बढ़ती आबादी से पर्यावरण दूषित हो गया।
Q2. लेखक की पत्नी को खिड़की मे जाली क्यों लगवानी पड़ी?
Answer: लेखक ने घर की खिड़की में जाली इसलिए लगवाई क्योंकि उसके घर कबूतर ने घोंसला बना लिया था जिसमें दो कबूतर के बच्चे थे और कबूतर उनको दाना खिलाने के लिए खिड़की से आते जाते थे जिस कारण उनका कुछ ना कुछ सामान टूट जाता था। इसी वजह से लेखक की पत्नी ने मचान के आगे जाली लगवा दी थी और घोसले को बाहर की और सरका दिया था।
Q3. समुद्र के गुस्से की क्या वजह थी? उसने अपना गुस्सा कैसे निकाला?
Answer: कई सालों से बिल्डर समुद्र को पीछे धकेल रहे थे और उसकी ज़मीन हथिया रहे थे। समुद्र सिमटता जा रहा था। उसने पहले टाँगें समेटी फिर उकडू बैठा फिर खड़ा हो गया। फिर भी जगह कम पड़ने लगी जिससे वह गुस्सा हो गया। उसने गुस्सा निकालने के लिए तीन जहाज फेंक दिए। एक वार्लीके समुद्र के किनारे, दूसरा बांद्रा मे कार्टर रोड के सामने और तीसरा गेट वे ऑफ इंडिया पर टूट फूट गया।
Q4. मट्टी से मट्टी मिले,
खो के सभी निशान,
किसमें कितना कौन है,
कैसे हो पहचान
इन पंक्तियों के माध्यम से लेखक क्या कहना चाहता है? स्पष्ट कीजिए।
Answer: इन पंक्तियों में बताया गया है कि सभी प्राणी एक ही मिट्टी से बने हैं और अंत में हमारा शरीर व्यक्तिगत पहचान खोकर उसी मिट्टी में मिल जाता है। यह पता नही रहता कि उस मिट्टी में कौन-कौन से मिट्टी मिली हुई है यानी मनुष्य में कितनी मनुष्यता है और कितनी पशुता यह किसी को पता नहीं होता।
(ग) निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
Q1. नेचर की सहनशक्ति की एक सीमा होती है। नेचर के गुस्से का एक नमूना कुछ साल पहले बंबई में देखने को मिला था।
Answer: इसका आशय है कि जैसे प्रत्येक मनुष्य की सहन-शक्ति की एक सीमा होती है, ठीक उसी तरह नेचर (प्रकृति) की सहन-शक्ति की भी सीमा होती है। जब हम प्रकृति के साथ छेड़खानी करते हैं, खिलवाड़ करते हैं, तो कुछ समय बाद उसकी सहन-शक्ति समाप्त हो जाती है। और तब वह बदला लेती है, आंदोलन करती है। ऐसा ही एक नमूना कुछ समय पहले बंबईवासियों को झेलना पड़ा था। उस समय भूकंप ने बंबईवासियों को इतना डरा दिया था कि उन्हें पूजा-स्थलों की शरण में जाना पड़ा था।
Q2. जो जितना बड़ा होता है उसे उतना ही कम गुस्सा आता है।
Answer: महान तथा बड़े लोगों में क्षमा करने की प्रधानता होती है। किसी भी व्यक्ति की महानता क्रोध कर दण्ड देने में नहीं होती है बल्कि किसी की भी गलती को क्षमा करना ही महान लोगों की विशेषता होती है। समुद्र महान है। वह मनुष्य के खिलवाड़ को सहन करता रहा। पर हर चीज़ की हद होती है। एक समय उसका क्रोध भी विकराल रूप में प्रदर्शित हुआ। वैसे तो महान व्यक्तियों की तरह उसमें अथाह गहराई, शांति व सहनशक्ति है।
Q3. इस बस्ती ने न जाने कितने परिंदों-चरिंदों से उनका घर छीन लिया है। इनमें से कुछ शहर छोड़कर चले गए हैं। जो नहीं जा सके हैं उन्होंने यहाँ-वहाँ डेरा डाल लिया है।
Answer: लेखक देखता है कि दिनों दिन जंगलों की सफ़ाई होती जा रही है। समुद्र के किनारे ऊँचे-ऊँचे भवन बनाए जा रहे हैं। इन स्थानों पर मानवों की बस्ती बन जाने से वन्य जीवों का प्राकृतिक आवास नष्ट हुआ है। इस कारण पक्षी एवं जानवर दोनों ही अन्यत्र जाने को विवश होकर शहर से कोसों दूर चले गए हैं। कुछ पक्षी प्राकृतिक आवास के अभाव में इधर-उधर भटक रहे हैं। वे मनुष्य के घरों की दालानों और छज्जों पर घोंसला बनाने को विवश हैं।
Q4. शेख अयाज़ के पिता बोले, नहीं, यह बात नहीं हैं। मैंने एक घर वाले को बेघर कर दिया है। उस बेघर को कुएँ पर उसके घर छोड़ने जा रहा हूँ। इन पंक्तियों में छिपी हुई उनकी भावना को स्पष्ट कीजिए।
Answer: शेख अयाज़ के पिता एक दयालु व परोपकारी व्यक्ति थे। वे किसी के साथ अन्याय नहीं कर सकते थे। एक बार वे अचानक भोजन छोड़कर उठकर खड़े हुए तो उनकी पत्नी ने इसका कारण पूछा तब वे बोले कि आज उनसे एक पाप हो गया है। उन्होंने एक च्योंटे को बेघर कर दिया है। यह च्योंटा उनकी बाँह पर चढ़कर यहाँ तक चला आया है। अतः वे उसे उसके घर (कुएँ) पर छोड़ने जा रहे हैं। इससे पाप का प्रायश्चित हो सकेगा। इन पंक्तियों में शेख अयाज़ के पिता की उदारता एवं स्पष्टवादिता की भावना छिपी हुई थी। वे अपनी भूल को तुरंत सुधारने में विश्वास रखते थे।
भाषा अध्यन
Q1. उदारण के अनुसार निम्नलिखित वाक्यों में कारक चिह्नों को पहचानकर रेखांकित कीजिए और उनके नाम रिक्त स्थानों में लिखिए; जैसे −
(क) माँ ने भोजन परोसा। कर्ता
(ख) मैं किसी के लिए मुसीबत नहीं हूँ। ………………….
(ग) मैंने एक घर वाले को बेघर कर दिया। ………………….
(घ) कबूतर परेशानी में इधर-उधर फड़फड़ा रहे थे। ………………….
(ङ) दरिया पर जाओ तो उसे सलाम किया करो। ………………….
Answer:
(क) माँ ने भोजन परोसा| कर्ता
(ख) में किसी के लिए मुसीबत नहीं हूँ। संप्रदान
(ग) मैंने एक घर वाले को बेघर कर दिया। कर्म
(घ) कबूतर परेशानी में इधर-उधर फड़फड़ा रहे थे। अधिकरण
(ङ) दरिया पर जाओ तो उसे सलाम किया करो। अधिकरण
Q2. नीचे दिए गए शब्दों के बहुवचन रूप लिखिए − चींटी, घोड़ा, आवाज़, बिल, फ़ौज, रोटी, बिंदु, दीवार, टुकड़ा।
Answer: चींटी – चीटियाँ
घोड़ा – घोड़ें
आवाज़ – आवाज़ें
बिल – बिल
फ़ौज – फ़ौजें
रोटी – रोटियाँ
बिंदु – बिंदु (बिदुओ को)
दीवार – दीवारें
टुकड़ा – टुकड़े
Q3. निम्नलिखित वाक्यों में उचित शब्द भरकर वाक्य पूरे किजिए −
(क) आजकल ……………… बहुत खराब है। (जमाना/ज़माना)
(ख) पूरे कमरे को ……………… दो। (सजा/सज़ा)
(ग) माँ दही …………… भूल गई। (जमाना/ज़माना)
(घ) …………. चीनी तो देना (जरा/ज़रा)
(ङ) दोषी को ………… दी गई। (सजा/सज़ा)
(च) महात्मा के चेहरे पर……………. था। (तेज/तेज़)
Answer:
- .ज़माना..
- .सजा
- .जमाना.
- ज़रा.
- .सज़ा.
- .तेज
योग्यता विस्तार
Q1. पशु-पक्षी एवं वन्य संरक्षण केंद्रों में जाकर पशु-पक्षियों की सेवा-सुश्रूषा के संबंध में जानकारी प्राप्त कीजिए।
Answer: Do Yourself
परियोजना कार्य
Q1. अपने आसपास प्रतिवर्ष एक पौधा लगाइए और उसकी समुचित देखभाल कर पर्यावरण में आए असंतुलन को रोकने में अपना योगदान दीजिए।
Answer: Do Yourself
Q2. किसी ऐसी घटना का वर्णन कीजिए, जब अपने मनोरंजन के लिए मानव द्वारा पशु-पक्षियों का उपयोग किया गया हो।
Answer: ग्रामीण क्षेत्रों विशेषकर पिछड़े ग्रामीण क्षेत्रों में मेले मनोरंजन का उत्तम साधन माने जाते हैं। इस साल मुझे दीपावली की
छुट्टियों में अपने एक सहपाठी के साथ उसके गाँव जाने का अवसर मिला जो महोबा उत्तर प्रदेश में है। इस गाँव में दीपावली के एक दिन पूर्व मेला लगता है, जहाँ लोग दीपावली की खरीददारी करते हैं। इसी मेले में मैंने देखा कि कुछ लोग नर भेड़ों को लड़ा रहे थे। ये भेड़े एक-दूसरे पर उछल-उछल कर सीगों से हमलाकर रहे थे जिससे उनके सिर टकराने से उत्पन्न टक की आवाज़ साफ़ सुनी जा सकती थी। करीब आधे घंटे बाद जब उनमें एक गिर गया तो दूसरे को उसके मालिक ने पकड़ लिया। उसकी जीत हो गई थी। यह मेरे लिए अद्भुत अवसर था जब मैंने मनुष्य को अपने मनोरंजन हेतु नर भेड़ों को लड़ाते देखा।
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