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NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kshitij with Answers
CBSE Solutions Class 9 Hindi चंद्र गहना से लौटती बेर
Page No. 122
प्रश्न अभ्यास
Q1. ‘ इस विजन में ….. अधिक है ‘ – पंक्तियों में नगरीय संस्कृति के प्रति कवि का क्या आक्रोश है और क्यों ?
Answer: उपर्युक्त पंक्तियों में कवि ने नगरीय संस्कृति की व्यावसायिकता पर आक्रोश प्रकट किया है। उनके अनुसार, नगर के लोग व्यापार को महत्त्व देते हैं। वे प्रेम और सौंदर्य से बहुत दूर हैं। वे प्रकृति से भी कर चुके हैं। कवि इसे नगर संस्कृति का दुर्भाग्य मानता है।
Q2. सरसों को ‘ सयानी ‘ कहकर कवि क्या कहना चाहता होगा ?
Answer: यहाँ सरसों के सयानी से कवि का आशय है। कवि कहना चाहते हैं कि सरसों की फसल अब बड़ी हो चुकी हैं और वह बहुत सुंदर प्रतीत हो रही है उसको देखकर ऐसा लगता है कि वह कटने के लिए पूरी तरह तैयार हो है।
Q3. अलसी के मनोभावों का वर्णन कीजिए।
Answer: कवि ने अलसी को एक सुंदर नायिका के रुप में चित्रित किया है। उसका चित्त अत्यंत चंचल है। वह अपने प्रियतम से मिलने को आतुर है तथा प्रथम स्पर्श करने वाले को हृदय से अपना स्वामी मानने के लिए तत्पर है।
Q4. अलसी के लिए ‘हठीली’ विशेषण का प्रयोग क्यों किया गया है ?
Answer: कवि ने ‘अलसी’ के लिए ‘हठीली’ विशेषण का प्रयोग इसलिए किया है क्योंकि उसने हठ कर रखा है कि वह अपना दिल उसे ही देगी जो उसके सिर पर रखे नीले फूल को छुएगा। दूसरा, वह चने के पौधों के बीच इस प्रकार उग आई है मानों ज़बरदस्ती वह सबको अपने अस्तित्व का परिचय देना चाहती है। तीसरा, वह हवा के ज़ोर से बार-बार नीचे झुक जाती है परन्तु फिर वह नीला फूल सिर पर रख खड़ी हो जाती है।
Q5. ‘चाँदी का बड़ा-सा गोल खंभा’ में कवि की किस सूक्ष्म कल्पना का आभास मिलता है?
Answer: ‘चाँदी का बड़ा-सा गोल खंभा’ से कवि का तात्पर्य नगर के सुख-सुविधा तथा स्वार्थपूर्ण जीवन से है, जिसे पाकर भी लोगों की इच्छाएँ खत्म नहीं होती हैं।
चाँदी के बड़े खंभे के माध्यम से कवि ने मानव प्रवृति का अत्यंत सूक्ष्म वर्णन किया है।
Q6. कविता के आधार पर ‘हरे चने’ का सौंदर्य अपने शब्दों में चित्रित कीजिए।
Answer: कवि ने यहाँ चने के पौधों का मानवीकरण किया है। चने का पौधा बहुत छोटा-सा है। उसके सिर पर फूला हुआ गुलाबी रंग का फूल ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो वह अपने सिर पर गुलाबी रंग की पगड़ी बाँधकर, सज-धज कर स्वयंवर के लिए खड़ा हो।
Q7. कवि ने प्रकृति का मानवीकरण कहाँ-कहाँ किया है?
Answer: कवि ने कविता में अनेक स्थलों पर प्रकृति का मानवीकरण किया है, जैसे-
- यह हरा ठिगना चना, बाँधे मुरैठा शीश पर
- बीच में अलसी हठीली देह की पतली, कमर की है लचीली
- सरसों के लिए-हाथ पीले कर लिए हैं
ब्याह-मंडप में पधारी - फाग गाता मास फागुन आ गया है आज जैसे।
- हैं कई पत्थर किनारे पी रहे चुपचाप पानी
- बगुले के लिए देखते ही मीन चंचल
ध्यान-निद्रा त्यागता है,
Q8. कविता में से उन पंक्तियों को ढूँढ़िए जिनमें निम्नलिखित भाव व्यंजित हो रहा है –
और चारों तरफ़ सुखी और उजाड़ ज़मीन है लेकिन वहाँ भी तोते का मधुर स्वर मन को स्पंदित कर रहा है।
Answer:
चित्रकूट की अनगढ़ चौड़ी
कम ऊँची-ऊँची पहाड़ियाँ
दूर दिशाओं तक फैली हैं।
बाँझ भूमि पर
इधर-उधर रींवा के पेड़
काँटेदार कुरूप खड़े हैं।
सुन पड़ता है
मीठा-मीठा रस टपकाता
सुग्गे का स्वर
टें टें टें टें ;
Q9. ‘और सरसों की न पूछो’ – इस उक्ति में बात को कहने का खास अंदाज़ है। हम इस प्रकार की शैली का प्रयोग कब और क्यों करते हैं ?
Answer: और सरसों की न पूछो’-इस प्रकार की शैली का प्रयोग हम किसी की प्रशंसा, आश्चर्य, निंदा करने का भाव व्यक्त करने के लिए करते हैं। उदाहरणार्थ-दशहरी आम की मिठास बताने के लिए विक्रेता कह देता है- “इस आम की मिठास न पूछो।” इस प्रकार की शैली का प्रयोग हम भावातिरेक की दशा में करते हैं।
Q10. काले माथे और सफ़ेद पंखों वाली चिड़िया आपकी दृष्टि में किस प्रकार के व्यक्तित्व का प्रतीक हो सकती है ?
Answer: काले माथे और सफ़ेद पंखवाली चिड़िया किसी ऐसे स्वार्थी व्यक्तित्व का प्रतीक हो सकती है जो दूसरों का शोषण करने के लिए तत्पर रहता है। वह दूसरों की भलाई के बारे में सोचे-समझे बिना मौके की तलाश में रहता है और मौका पाते। ही उसे अपना शिकार बना लेता है।
Q11. बीते के बराबर, ठिगना, मुरैठा आदि सामान्य बोलचाल के शब्द हैं, लेकिन कविता में इन्हीं से सौंदर्य उभरा है और कविता सहज बन पड़ी है। कविता में आए ऐसे ही अन्य शब्दों की सूची बनाइए।
Answer: बीते के बराबर, ठिगना, मुरैठा आदि सामान्य बोलचाल के शब्द हैं, कविता में इन्हीं से सौंदर्य उभरा है और कविता सहज बन पड़ी है। कविता में आए ऐसे ही अन्य शब्द कुछ इस प्रकार हैं -फ़ाग, चकमकाता, खंभा, चटझपाटे, सुग्गा, जुगुल, मेड़, पोखर, हठीली, सयानी, ब्याह, मंडप, जोड़ी चुप्पे-चुप्पे आदि ।
Q12. कविता को पढ़ते समय कुछ मुहावरे मानस-पटल पर उभर आते हैं, उन्हें लिखिए और अपने वाक्यों में प्रयुक्त कीजिए।
Answer: कविता में आए कुछ मुहावरे निम्नलिखित हैं-
बीता भर जरा-सा, छोटा-सा – बीता-भर का दिखने वाला यह साँप बहुत ही जहरीला है।
सिर चढ़ाना बढ़ावा देना – प्यार में संतान को इतना मत सिर पर चढ़ाओ कि वह एक दिन परिवार के लिए मुसीबत बन जाए।
हृदय का दान देना समर्पित होना – सुमन तो कब से हृदय का दान दे चुकी थी।
हाथ पीले करना विवाह करना – दहेज-प्रथा ने गरीब माँ-बाप की चिंता बढ़ा दी है कि वह अपनी बेटियों का हाथ कैसे पीला करें।
गले में डालना जल्दी से खाना – ठेकेदार को आता देख मज़दूर ने जल्दी से रोटियाँ गले में डालीं और काम पर लग गया।
हृदय चीरना दुख पहुँचाना – कठोर बातें हृदय चीर देती हैं।
प्यास बुझाना तृप्त होना – कुएँ के शीतल जल ने हम दोनों की प्यास बुझा दी।
झपाटे मारना अचानक टूट पड़ना – बाज ने झपाटे मारकर चिड़िया के बच्चे को दबोचा और उड़ गया।
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